जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के कुछ कलाकारों ने परवर्ती प्रभाववाद तथा अभिव्यंजनावाद के साथ 1937 ई. में ‘यंग तुर्क्स’ अथवा ‘द बाम्बे ग्रुप ऑफ कंटेम्परेरी इण्डियन आर्ट्रिस्ट’ की स्थापना की।
भारत में आधुनिकता को बढ़ावा देने वाला यह प्रथम समूह (ग्रुप) था।
इस ग्रुप में पी.टी. रेड़ी, एम.टी.भोपले, ए.ए. मजीद, एम.वाई. कुलकर्णी, सी बपटिस्टा, तथा ई. मोगुल सदस्य थे। ‘यंग तुर्क्स’ की प्रथम कला प्रदर्शनी 1941 ई. मुम्बई में